क्यों फड़कती है आंख ?

क्यों फड़कती है आंख ?

एकाएक जब भी कभी आंखो की ऊपर या निचे वाली पलकों में अनियंत्रित फड़कन होने लगती है तो स्वाभविक ही किसी अनिष्ट की आशंका होने लगती है। चिकित्सा विज्ञानं ऐसा नहीं मानता है। यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन के कैलोग्स आई सेंटर के प्रोफेसर डॉ. वॉयन कॉर्नब्लाथ के मुताबिक यहां आम समस्या है और पलकों को रगड़ देने से फड़कन को भी रोका जा सकता है। बहुत अपवादग्रस्त ब्रेन की किस नर्व के डैमेज होने के कारण भी पलके फड़कने लगती है। यहां गंभीर स्तिथि है जिसे इलाज की ज़रूरत होती है। इसी के साथ चेहरा भी फड़कने लगा हो तो चिंता का विशेष हो जाता है।
डॉ. कॉर्नब्लाथ के अनुसार आंखो में थकन के वजह से भी पलके फड़क सकती है। कम सोने से आंखे थक जाती है इससे यहां समस्या हो सकती है। तनाव का भी शरीर पर प्रभाव पड़ता है। तनाव से एड्रिनलिन का उत्पादन बढ़ जाता है जिससे मांसपेशिया उत्तेजित होकर फड़फड़ाने लगती है। आंखो के आस-पास की मांसपेशिया फड़फड़ाने के कारन पलके इस तरह का व्यवहार करने लगती है। ड्राय आईज़ और मैग्नेशियम की कमी के कारण भी आई ट्वीचिंग होती है।
आंखो के शेप पर काम करने वाली प्लास्टिक सर्जन डॉ. जुली मिलर कहती है की आई स्ट्रेन से बचना चाहिए और कुछ समय के लिए डिवाइस से दुरी बनाना चाहिए। फोन और कम्प्यूटर को सरे दिन लगातार देखते रहने से बहुमूल्य आंखे नस्ट होती है। आंखो को एक ब्रेक दीजिये और गॉगल्स लगाकर डिवाइस से दूर चले जाइए। ऑफिस की छत या निचे का बगीचा इसके लिए अच्छे स्थान है।
क्या है आई ट्विचेस ?
आंखो का फड़फड़ाना अपने आप होता है इसके लिए कोई प्रयत्न नहीं करना पड़ता हैं। एकाएक कभी भी आंख फड़फड़ाना शरू हो जाता है और लगातार जारी रहता है। इसका कोई टाइम और फ्रीक्वेंसी भी तय नहीं है। यह समस्या कुछ सेकेण्ड के लिए हो सकती तो कुछ मिनटों तक जारी रह सकती है। कुछ मरीजो में कई कई दिनों तक यह समस्या देखि जाती है।
ब्रेन की कोई नर्व डैमेज होने के बाद यदि आंख फड़फड़ाती है और चेहरे के एक हिस्से में फड़फड़ाना महसूस किया जाता है तो मामला गंभीर है। इसमें चेहरे के एक हिस्सा निचे की ओर लटक जाता है। सेन्ट्रल नर्व्स सिस्टम की एक बीमारी है मल्टीपल स्क्लेरोसिस जिसमे मूवमेंट की प्रॉब्लम होती है। आंख अगर लगातार फड़कती रहती है और किसी इलाज से ठीक नहीं हो रही है तो इसे गंभीर से लेना चाहिए। यह ब्रेन की नर्व डैमेज होने का संकेत है।
क्या है इलाज ?
आंख फड़कने के अधिकांश मामलों में इलाज की जरुरत नहीं होती है लेकिन यह समस्या लगातार बानी रहे तो इलाज करना जरुरी है।
१. कैफीन ड्रिंक्स कम से कम लें।
२. पर्याप्त नींद लें।
३. आंखो में नियमित रूप से लुब्रिकेंट डालते रहे। आर्टिफिशियल टियर्स और आई ड्रॉप्स से लुब्रिकेशन हो जाता है।
४. आंखो की भाप से सिकाई करे।
५. बहुत गंभीर स्थति में आंखो के मूवमेंट से जुडी मांसपेशियों और नर्व्स की सर्जरी की जाती हैं।

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