तनाव के कारण होती हैं छह बिमारिया

तनाव के कारण होती हैं छह बिमारिया

आपको अभी तक पता ही नही था कि तनाव के कारण ये छह बीमारियां भी आपको हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है की है लोगो को तनाव के जोखिमों की जानकारी नहीं है। तनाव के कारण इरिटेटिंग बॉवेल सिंड्रोम से लेकर सिर के बाल झड़ने जैसी कई हैल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं।
फैमली फिजिशियन डॉ हैंडरसन (यूके) मानते है की तनाव शरीर पर गहरे प्रभाव छोड़ता है तनाव के कारन बार-बार सिर दर्द की शिकायत होती है, डायजेस्टिव सिस्टम खराब हो जाता है। तनाव कम करके ही इन बिमारियों से पीछा छुड़ाया जा सकता है।
१) इरिटेटिंग बॉवेल सिंड्रोम:-
अधिकांश पेट रोग विशेषज्ञों का मानना है की ८० प्रतिशत पेट रोग से संबंधित मरीज़ इरिटेटिंग बॉवेल सिंड्रोम से पीड़ित है। यह बीमारी पेडू की मांसपेशियों में स्पाज्म से जुडी है। फिर भी इसके लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते है। कई मरीजों को डायरिया होता है तो मरीज़ो को कब्ज़ रहती है, साथ ही पेट फूलने की शिकायत बनी रहती है। विशेषज्ञ अब भी पता लगा रहे है की ऐसा क्यू होता है लेकिन इस बात पर सभी सहमत है की लक्षणों को उकसाने में तनाव भी एक बड़ा कारण हैं।
यह सभी को पता है की डायजेस्टिव सिस्टम और मस्तिष्क के बिच एक जटिल संबंध है। इसी तरह हमारे पेट के बिच भी एक संबंध है। पेट तथा आंतो में लाखो नर्व सेल्स जुड़े होते है जो डायजेस्टिव सिस्टम को नियमित तौर पर नियंत्रित करते है। तनाव आंतो और मस्तिष्क के बिच के कनेक्शन को बिगड़ सकता है।

२) अत्यधिक पसोना आना:-

जब हम तनाव में होते हैं तो अधिक पसीना निकलने लगता है? वैज्ञानिको के पास इसकी कई थ्योरिज़ है। यह स्पष्ट है की वातावरण जी गर्मी हो या शारीरिक परिश्रम किया हो हमारी एक्राइन ग्रंथिया पसीना निकलने लगाती है। वही तनाव क कारण निकलने वाला पसीना एपोक्राइन ग्लैंड्स से उत्पन्न होता हैं।

३) दांत चबाना:-
दांतो को आपस में चबाने की प्रक्रिया करना तनाव के कारण होता है। टीथ ग्राइडिंग जैसी समस्या कभी कभार ही चिकित्सक के पास पहुंच पाती है। इसका एक आम लक्षण है सिरदर्द जो की सिर के बीचो-बिच होता है। दूसरे लक्षणों में कान में दर्द रहना और जबड़े की मांसपेशियां तनाव के कारण हमेशा अकड़ी रहती है। नींद में दांतो की आपसी रगड़ के कारण वे जल्दी घिस जाते है और टूट जाते है।

४) बाल झड़ने लगते है:-
लम्बे समय तक अत्यधिक तनाव में रहने के कारण बाल झड़ने लगते है। यह स्ट्रेस हॉर्मोन्स के कारण हेअर फॉलिकल्स हाइबरनेशन में चले जाते है। इसलिए शैंपू करते समय या कंघी करते समय बाल झड़ने लगते है। अधिकांश मामलो में बाल ठीक से केयर करने पर पुनः उगने लगते है। इसी के साथ तनाव कम करने की भी जरुरत होती है।

५) अनिद्रा:-
तनाव और अनिद्रा का पुराना साथ है। अनिद्रा के अधिकांश मामलों में तनाव कम करने की सलाह दी जाती है। तनाव के कारण ऐसे हॉर्मोन्स पैदा हो जाते है जो नींद और जाग्रति के बिच के संतुलन को ख़राब कर देते है।
जब भी हम तनाव में होते है तो हम अक्सर बिस्तर पर पड़े अँधेरे में देखते हुए न जाने क्या सोचते रहते है। हम हमेशा अपनी चिंताओं के बारे में ही सोचते रहते है और तनाव बढ़ा लेते है। अच्छी नींद लाने के लिए जरुरी है की हम हमेशा एक निश्चित समय पर ही सोने के लिए बिस्तर पर जाए। चाय, कॉफी, और अल्कोहल काफी कम कम दें।

६) थकन:-
थकन की लगातार बनी रहने वाली फीलिंग्स हमारे मोटिवेशन और एनर्जी को तोड़ देती है। दुनिया भर में अधिकांश लोग कैरिअर और फायनेंसेस को लेकर तनावग्रस्त रहते है। थकन और अनिद्रा की यह बड़ी वजह है। तनाव और रोज़मर्रा जिव के दबाव थका देने वाले होते है। यदि आपको तनाव है तो थकान भी होगी। सिर के बालों तथा कांख के बालो में से आता है। इससे निकलने वाले पसीने में प्रोटीन और लिपिड्स की मात्रा बहुत अधिक होती है। इसी पसीने पर बक्टेरिया पलते है क्योंकि यह उन्हे प्रोटीन खाने को मिलता है। यही वजह है की कांख और सिर के बालों से पसीने की बदबू अधिक आती है।

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