धूप से मिले विटामिन -डी

धूप से मिले विटामिन -डी

धूप से मिले विटामिन -डी
शरीर की संरचना बहुत जटिल है, इसमें कई तरह के तत्वों की जरूरत होती है, कुछ तो हमें खान – पान से मिलते हैं और कुछ शरीर खुद ही बनाता हैं और कुछ शरीर खुद ही बनाता हैं। विटामिन डी ऐसा ही तत्व हैं, जिसका निर्माण शरीर खुद करता हैं। जब त्वचा धूप के संपर्क में आती है, तब विटामिन डी के बनने की शुरुआत होती है।
सूर्य के प्रकाश , रोजमर्रा के खानपान और अन्य चीजों से प्राप्त विटामिन डी को शरीर में सक्रीय होने के लिए कम से कम दो हाइड्रोकिसलेशन अभिक्रियाओं की जरूरत होती हैं। त्वचा जब धूप के संपर्क में आती हैं तो शरीर में विटामिन डी निर्माण की प्रकिया आरंभ होती हैं।
विटामिन डी से कैल्शियम को शरीर में बनाये रखने में मदद मिलती है जो हड्डियों की मजबूती के लिए अत्यावश्यक होता है। इसके आभाव मैं हड्डी कमजोर होती हैं टूट भी सकती हैं। छोटे बच्चो में यह स्तिथि रिकेट्स कहलाती हैं , और व्यवस्कों मैं हड्डी के मुलायम होने को ओस्टियोमलेशिया कहते हैं। इसके अलवा , हड्डी के पतला और कमजोर होने का ओस्टियोपोरोसिस कहते हैं।
कमी से होने वाली समस्यायें :-
विटामिन डी की कमी की वजह से हृदय रोग , महिलाओं में अलजायमर्स , बच्चों मैं संक्रमण , डिप्रेशन, हाइब्लडप्रेशर , कैंसर और क्षय रोग का खतरा बढ़ जाता हैं।
वैज्ञानिक कहते हैं कि डिप्रेशन सिर्फ मनोरोग नहीं हैं। पैराथायरॉइड हॉर्मोन्स के साथ ही मेटाबॉलिज्म की गड़बड़ियां और विटामिन १२ की कमी भी इसके लिए जिम्मेदार हो सकती हैं। जब बहुत दिनों तक धूप नानी निकलती हैं. तब उदासी महसूस होनी लगती हैं।
शोध के अनुसार अगर बच्चो को नियमित रुप से विटामिन डी की खुराक दी जाती है तो उनमें सर्दी या फ्लू जैसी सांस – संबंधी संक्रमण का खतरा काम हो जाता हैं।
शरीर मेँ विटामिन डी की कमी से ह्रदय रोगो की चपेट में आने का खतरा बढ़ जाता हैं। शरीर में विटामिन डी कमी के शिकार लोगो का दिल का दौरा पड़ने तथा अन्य संबंधित बीमीरियों होने और दिल के दौरे मौंत होने का खतरा बहुत अधिक रहता है।
विटामिन डी की कमी का संबंध पारम्परिक रूप से कमजोर हड्डियों से होता हैं लेकिन इससे ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा भी रहता हैं। विटामिन डी के लिए धूप बहुत महत्वपूर्ण तत्व है और धरती के गर्म हिस्से में होने के बावजूद हमारे देश में लोगो को विटमिन डी की कमी की समस्या हैं।
पूर्ति के उपाय :-
विटमिन डी की कमी एक आम समस्या है। जो लोग मांसाहारी हैं, उन्हें मांस, मछली , अंडे और मछली के तेल से विटामिन डी की पूर्ति होती हैं, लेकिन शाकाहारियों के लिए सिर्फ डेयरी प्रोडक्ट्स ही विटामिन डी की पूर्ति का स्रोत्र है। विटामिन डी की कमी का कारण अपर्याप्त आहार के आलावा सूर्य कीअपर्याप्त किरणे भी हैं . धूप विटामिन डी के लिए बहुत जरुरी हैं। इसलिए दिनभर में कुछ समय धूप में जरूर रहे।

Leave a Reply