मुँह के छाले

मुँह के छाले

मुँह के सॉफ्ट टिशूज या मसूढ़ों के निचले हिस्से में छोटे , सूजे हुए घाव हो जाते हैं। नासूर वाले घाव , मुँह के छाले होते हैं। कैंसर सोर्स कहे जाने वाले ये घाव कोल्ड सोर की तरह जीभ और होंठों के ऊपरी हिस्से पर नहीं होते। ये काफी पीड़ादायक होते है और कई बार खाने में भी परेशानी होती है।
मसालेदार खाने या पेट की गड़बड़ी के कारण मुँह में छाले हो जाना आम है। ये छाले एक या दो हफ्ते में अपने आप ख़त्म हो जाते है लेकिन इससे अधिक समय तक मुँह के छाले बने रहते तो उसकी जाँच कराना जरूरी है।
छाले के प्रकार :
अधिकांश छाले गोल या अंडाकार होते है, इससे केंद्र सफ़ेद या पीले रंग के होते है और इनके किनारो पर लालिमा रहती है। छालों के होने के एक या दो दिन पहले उस स्थान पर सनसनाहट या जलन महसूस होती हो। मुँह के छाले निम्न प्रकार के होते है –
१ छोटे छाले
२. बड़े छाले
३. हरपेटफार्म छाले
कम गंभीर प्रकार के छोटे छाले –
० ये आमतौर पर छोटे होते हैं।
० अंडाकार होते है।
० बिना कोई निशान छोड़े एक या दो हफ्ते में ठीक हो जाते हैं।
गंभीर प्रकार के बड़े छाले –
० बड़े और गहरे प्रकार के होते हैं।
० इसके किनारे स्पष्ट नहीं नजर आते।
० इसे ठीक होने में हफ्ते से अधिक का समय लग जाता है और इसके ठीक होने के बाद भी गहरे निशान नजर आ सकते हैं।
हरपेटफार्म छाले -ऐसे छाले बढ़ने के साथ नजर आते है।
० आकर में काफी छोटे होते हैं।
० ये १० से लेकर १०० की संख्या तक एक साथ हो सकते हैं।
० इनके किनारे भी स्पष्ट नजर नहीं आते
० एक या दो हफ्ते में बिना कोई निशान छोड़े ठीक हो जाते है।
छाले होने के कारण :-
० ब्रश करने के दौरान , खेल के दौरान , मसालेदार या एसिडिक खाने के कारण या फिर भोजन करने के दौरान गलती से दांतों से गालों के अंदर जख्म बन जाने से छाले होने की आशंका बढ़ जाती है।
० टूथपेस्ट और माउथ वॉशेज़ में सोडियम लॉरियल सल्फेट होता और यह छाले की वजह बन सकता है।
० विटामिन बी १२, जिंक , फॉलिक एसिड या आयरन की कमी से छाले होने की आशंका बढ़ जाती है। मुँह में मौजूद किसी बैक्टीरिया से होने वाली एलर्जी।
० मासिक चक्र के दौरान हार्मोनल परिवर्तन।
० भावनात्मक तनाव – कुछ स्वास्थ कारणों से भी छाले हो सकते हैं।
० इंफ्लेमेंटरी बाउल डिसीज।
० कमजोर इम्यून सिस्टम के कारण शरीर की सेहतमंद कोशिकाएं क्षतिग्रस्त होने लगती हैं।
० एड्स के कारण भी इम्यून सिस्टमपर प्रभाव पड़ता है।
इनके लिए है खतरा
० महिलाएं : इन्हे छाले होने की आंशका काफी होती है, खासतौर से छोटे -छोटे छालों वाले समूह के होने की।
० वंशानुगत : यदि परिवार में किसी के छाले होने की समस्या है तो हो सकता है कि आपको भी यह समस्या हो।
जब गंभीर हो स्थिति
० यदि छालों का आकार काफी बड़ा हो
० एक छाले के ठीक होते ही दूसरा छाला हो जाए। छाले लगातार बने रहें और उन्हें ठीक होने में तीन हफ्ते या उससे अधिक का वक्त लग जाये।
० छालों के दर्द में घरेलू इलाज से कोई फायदा न पहुंच रहा हो।
० खाने , पीने में अत्यधिक तकलीफ होना।
० छालों के साथ हाई फीवर।
यदि आपके दांत या कोई डेंटल अप्लायंस अधिक नुकीले हों तो दन्त चिकितसक को दिखाएँ।

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