सेहतमंद करेला

सेहतमंद करेला

एक करेले मे ४ ग्राम कार्बोहाइड्रेट, १५ ग्राम प्रोटीन, २०
मिलीग्राम कैल्शियम, ७० मिलीग्राम फास्फोरस , १८ मिलीग्राम
आयरन और बहुत थोड़ी मात्रा मे वसा भी होता है।
इसमें विटामिन ए और सी के साथ -साथ गंधयुक्त वाष्पशील तेल ,
कैरोटीन ग्लूकोसाइड , सेपोनिन , एल्केलाइड और बिटर्स पाए
जाते हैं। करेला कई प्रकार के रोगों में अपना प्रभाव दिखता है।
इसका उपयोग निम्नानुसार हैं :-
० करेला बुखार , खांसी , त्वचा के रोग , एनीमिया और पेट के
कीड़ों से निजात दिलाने में मददगार होता है।
करेले के तीन बीज और काली मिर्च को पत्थर पर पानी के साथ
घिसकर बच्चों को पिलाने से उलटी दस्त बंद हो जाता है
० करेले के पत्तों को सेंककर , सेंधा नमक के साथ खाने से
अम्लपित्त के रोगियों को भोजन से पहले होने वाली उल्टी बंद हो
जाती है।
० यह खून को साफ रखने के साथ -साथ किडनी और लिवर को भी
स्वस्थ रखता है।

० करेला भूख बढ़ाकर पाचन शक्ति सुधारता है। इसे पचाना भी
आसान होता है।
० करेले के रस में निम्बू का रस मिलाकर सुबह -सुबह पीने से
शरीर की चर्बी कम हो जाती है।
० गुर्दे या मूत्राशय की पथरी से पीड़ित रोगी को २ करेले का रस
प्रतिदिन पीना चाहिए और इसकी सब्जी कहानी चाहिए। इससे
पथरी गलकर पेशाब के साथ निकल जाती है।
० जंगली करेले की बेल अपने आप उगती है और झाड़ियों पर फ़ैल
जाती है। इसमें गोल -गोल फल लगते हैं , जिसे बाड़ करेला कहते
हैं। इसकी सब्जी भी खाई जाती है।
० यह एक औषिधीय फल है,जो डायबिटीज के साथ -साथ कई
अन्य बीमारियों से भी निजात दिलाने में फायदेमंद होता है।
० करेले का इस्तेमाल नेचुरल स्टेरॉयड के रूप मे किया जाता है ,
क्योंकि इसमें कैरोटीन नामक रसायन पाया जाता है, जिससे खून
में शकर्रा का स्तर नहीं बढ़ पाता है।
० इसके पत्तों का लेप लगाने से त्वचा रोग से छुटकारा मिलता है।
० करेले या उसके पत्ते के रस को एक चम्मच चीनी मिलाकर पीने
से खूनी बवासीर में आराम मिलता है।

० ५० मिली लीटर करेले के पत्तों के रस मेँ चुटकी भर हींग
मिलाकर पीने से पेशाब खुलकर आता है।

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